Urvashi Rautela Astrology
Astrology of Bollywood Stars

उर्वशी रौतेला का ज्योतिष – Urvashi Rautela’s Astrology

उर्वशी रौतेला का जन्म सुन्दरता कारक ग्रह शुक्र की राशि वृष लग्न और केतु की महादशा में हुआ है। चुंकि वृष लग्न है और लग्न पर ही लग्नेश शुक्र का केन्द्रीय प्रभाव भी है जिसके फलस्वरूप हर कार्य में खुशी को ढूढ़ने वाली बनाकर विषय सुखों का भोग जीवन में शुक्र दें रहा है। शुक्र के कारण ही सुन्दर वस्त्रों व आभूषणों का शौक है और इसी के कारण बचपन से ही फैशन आदि में रूचि पैदा हुई व आज अभिनय के क्षेत्र में है।

उर्वशी रौतेला की जन्मकुंडली

दिनांक 25-02-1994 समय 12-00 बजे कोटद्वार, उत्तराखंड

 

15 वर्ष की उम्र में मिस टीन इंडिया, 17 साल की उम्र में मिस एशियन सुपरमॉडल इंडिया, इंडियन प्रिन्सेस, मिस टूरिज्म क्वीन ऑफ दा ईयर इंटरनेशनल वर्ल्ड 2011 जैसे खिताब जितने वाली भारतीय अभिनेत्री उर्वशी रौतेला की पढ़ाई कोटद्वार उत्तराखंड में हुई है और गार्गी कालेज दिल्ली से शिक्षा पूर्ण करी। न्यूयॉर्क फिल्म अकादमी स्कूल ऑफ फिल्म एंड एक्टिंग टैलेंट्स द्वारा अभिनय में अपना डिप्लोमा प्राप्त किया।

उर्वशी रौतेला 5’10” की खुबसूरत व्यक्तित्व की स्वामिनी है। इनकी माता का नाम मीरा सिंह और पिता का नाम मनवर सिंह है एक छोटा भाई जिसका नाम यश रौतेला है एवम् इनकी जन्मकुंडली में वृष लग्न में ही केतु स्थिति है, केतु एक छाया ग्रह है और वृष राशि में यह नीच राशि का होता है इसलिए ज्यादा शुभ नहीं है संघर्ष के बाद विजय दिलाता है तभी वर्ष 2012 में मिस इंडिया प्रतियोगिता में उम्र के कारण निष्कासित कर दिया था किन्तु शुक्र की महादशा थी इसलिए पुनः 2015 में विजय प्राप्त हुई।

जनसमुदाय और सामाजिक कार्य करने के लिए उर्वशी रौतेला फाउंडेशनकी स्थापना करी क्योंकि चन्द्रमा चतुर्थ भाव सिंह राशि में स्थित है हालांकि चन्द्रमा सिंह राशि में उद्विग्न रहता है फिर भी सामाजिक कार्यों में उर्वशी रौतेला को जोड़ता है एवं लेखन व साहित्यकार भी बना रहा है इसी के चलते आने वाले समय में अभिनय के साथ-साथ स्वयं फिल्में आदि लिखने का भी कार्य करेगी और फैशन, रेडिमेड गार्मेंन्ट आदि का व्यवसाय भी साथ-साथ होगा।

उर्वशी के जन्मकुंडली में सूर्य राजयोग कारक ग्रह है हालांकि शुक्र का इसके साथ शत्रु संबंध है फिर भी दिग्बली है आने वाले समय में किसी राजनीति दल में वक्ता भी बनेगी यदि सिर पर पगड़ी, कपड़ा, टोपी आदि रख कर प्रातः पूजा करें तो राजनिति में उच्च पद भी प्राप्त होगा। सूर्य के साथ ही शनि यहां शश योग बना रहा है तो बुध होने से पद्सिंहासन योग भी बन रहा है जो माता-पिता की सम्पत्ति का स्वामी बनायेगा और अपना पैसा जमीन खरीदने में व्यय करवायेगा और उर्वशी रौतेला को हर कार्य में सफलता दिलाता रहेगा।

फिल्मों में सफलता हेतु मंगल अवरोध उत्पन्न करेगा क्योंकि मंगल मारकेश व अशुभ ग्रह है किन्तु मंगल पर केतु की दृष्टि है और गुरू का केन्द्रीय प्रभाव होने से सफलता के लिए येन-केन प्रकारेण का प्रयोग कर सफलता को प्राप्त करने का गुण उर्वशी रौतेला को प्राप्त है अपनी सफलता हेतु शत्रु को मित्र व मित्र का शत्रु बनाना इनके लिए कोई बड़ी बात नहीं है। गुरू का छटे भाव में होना लाभभंग योग बन रहा है किन्तु अष्टमेश गुरू का छठे भाव से गुरू के अशुभ प्रभाव का नष्ट कर देता है इसी के कारण उर्वशी रौतेला को धार्मिक यात्रओं में रूचि, और धार्मिक कार्यों से धन भी प्राप्त करवायेगा किन्तु अपनी आयु के पचास वर्ष पूर्ण करा कर गुर्दे की बीमारी, बहुमूत्र या शुगर की बीमारी देने का संकेत दे रहा है इसलिए भोजन पर नियंत्रण अभी से ही करना होगा।

ज्योतिर्विद बॉक्सर देव गोस्वामी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *