श्री राधा मेरी स्वामिनी
भजन संग्रह

श्री राधा मेरी स्वामिनी, मैं राधे कौ दास। (राधा रानी भजन)

श्री राधा मेरी स्वामिनी, मैं राधे कौ दास। श्री राधा मेरी स्वामिनी,

जनम-जनम मोय दीजियो, श्री चरनन कौ वास॥

सब द्वारन कूँ छाँडि कै, आयौ तेरे द्वार।

हे वृषभानु की लाड़ली, नैक मेरी ओर निहार॥

श्री राधा राधा रटत ही, सब बाधा मिट जाय।

कोटि जनम की आपदा, श्री राधा नाम ते जाय॥

श्री वृन्दावन के वृक्ष कौ, मर्म न जाने कोय।

डार डार अरु पात पात पै, श्री राधे राधे होय॥

जीवन प्राण अब बन रह्यौ, नवल प्रिया सुख धाम।

ब्रज वृन्दावन स्वामिनी, ललितादिक अभिराम॥

नाम महाधन है अपनौ एनहिं दूसरी सम्पति और कमानी।

छोड़ अटारी अटा जग के, हमको कुटिया ब्रिज माहिं बनानी॥

टूक मिलें ब्रिजवासिन के, अरु सेवें सदा जमुना महारानी।

औरन की परवाह नहीं, अपनी ठकुरानी श्री राधिका रानी॥

जय जय श्री राधे !

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