करुणानिधान स्वामिनी किशोरी करुणा अब बरसाओ
भजन संग्रह

करुणानिधान स्वामिनी किशोरी करुणा अब बरसाओ

करुणानिधान स्वामिनी किशोरी करुणा अब बरसाओ।

नाम तिहारा रटूं किशोरी मोहे सेवा योग्य बनाओ॥

हूँ निर्धन दो नाम धन अपना श्यामा तुम करुणा की खान,

शरण पड़ा हो तेरी राधिके अपनाया है अपना जान।

इस दासी की विनती सुनलो श्यामा मोहे दासी अपनाओ,

करुणानिधान स्वामिनी किशोरी करुणा अब बरसाओ॥

नाम तिहारा रटूं किशोरी मोहे सेवा योग्य बनाओ

तेरे महलों की बनूँ बुहारिन श्यामा नित नित कुञ्ज सजाऊँ,

नहीं जानूँ मैं कोई विधि भी किशोरी तुमको कैसे रिझाऊँ।

कृपाकोर अब कृपा करो तुम जैसी भी हूँ मुझे अपनाओ,

करुणानिधान स्वामिनी किशोरी करुणा अब बरसाओ॥

नाम तिहारा रटूं किशोरी मोहे सेवा योग्य बनाओ

ब्रजमण्डल की तुम हो स्वामिनी सारे जगत की तुम्हीं आधारा,

क्या गुण गाऊँ तेरी रहमत के श्यामा मैंने अपना जीवन वारा।

जैसे चाहो तुम रखना मुझको अपनाओ या मुझे ठुकराओ।

करुणानिधान स्वामिनी किशोरी करुणा अब बरसाओ॥

नाम तिहारा रटूं किशोरी मोहे सेवा योग्य बनाओ

             जय जय श्री राधे

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